'Pita ko Rupaye Mangawane ke liye Patra'
पिता को रुपये मंगवाने के लिए पत्र
महानगर बॉयज स्कूल
महानगर,
लखनऊ
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।
आपका प्यार भरा पत्र 4 जनवरी को प्राप्त हुआ था। सभी समाचार ज्ञात हुए। पत्र का उत्तर शीघ्र न दे सका। कृपया क्षमा करें। मैं अपनी कक्षा के छात्रों के साथ कश्मीर के ऐतिहासिक पर्यटन पर चला गया था। यह जानकर आप अवश्य प्रसन्न होंगे कि मैंने कश्मीर घाटी के सभी सुन्दर, आकर्षक, मनोरम दॄश्य देखे। इनका वर्णन मैं अगले पत्र में करूँगा।
पर्यटन पर जाने के कारण आपका भेजा हुआ पैसा समाप्त हो गया है। कृपया और रुपये भेजने का कष्ट करें। पूज्य माताजी को चरण स्पर्श और वर्तिका को शुभकामनाएँ।
आपका आज्ञाकारी पुत्र
12 जनवरी, 2023
XXX
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